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इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
मई 2 0 1 2
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| " तुम्हारा एकमात्र प्रामाणिक उत्तरदायित्व तुम्हारी अपनी क्षमता के प्रति है, तुम्हारी अपनी बुद्धिमत्ता और सजगता के प्रति, और उसके अनुसार आचरण करने के प्रति।" ओशो |
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ओशो.कॉम |
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दि अदर माइसैल्फ  |
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सच्ची वास्तविक मित्रता क्या है? |
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" तुम्हारा जो यह प्रश्न है, वह बड़ा जटिल है। इससे पहले कि तुम यह समझ सको कि सच्ची प्रामाणिक मित्रता क्या है, तुम्हें कुछ अन्य चीजें समझनी होंगी।
सबसे पहले है मित्रता। मित्रता वह प्रेम है जो बिना जैविक कारणों से होता है। यह वैसी मित्रता नहीं है जैसा कि तुम सामान्य रूप से समझते हो--प्रेमी या प्रेमिका की तरह। .…" |
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बॉडी धर्म  |
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शरीर पर आधारित ध्यान |
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" अध्यात्म कभी तनावपूर्ण नहीं होता, अध्यात्म कभी भी तनावपूर्ण नहीं होता, ऐसा नहीं हो सकता। आध्यात्मिक तनाव होता ही नहीं, तनाव केवल शारीरिक होता है और मानसिक होता है।
शारीरिक तनाव उन्होंने पैदा किए हैं, जिन्होंने धर्म के नाम पर सदैव ही शरीर-विरोधी उपदेश दिए हैं। पश्चिम में ईसाइयत स्पष्ट तौर पर शरीर के प्रति प्रबल विरोधी रही है। .…" |
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इमोशनल इकोलॉजी  |
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भय में जीना |
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"तुम्हारे सारे भय तादात्म्य की उपज हैं।
तुम किसी स्त्री से प्रेम करते हो और प्रेम के साथ, उसी पैकेज में भय आता है: कि वह तुम्हें छोड़ देगी। वह पहले भी किसी को छोड़ चुकी है और फिर तुम्हारे साथ आई है। ऐसा घटा है; शायद वह तुहारे साथ ऐसा ही करे ।..…" |
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माह का ध्यान  |
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क्या आप कोई और ध्यान खोजना चाहेंगे? |
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“कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना
सुबह उठते ही पहली बात, कल्पना करें कि तुम बहुत प्रसन्न हो। बिस्तर से प्रसन्न-चित्त उठें-- आभा-मंडित, प्रफुल्लित, आशा-पूर्ण-- जैसे कुछ समग्र, अनंत बहुमूल्य होने जा रहा हो।
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मल्टीमीडिया |
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ओशो प्रवचनों को यहां
देखें  |
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मेरी जीवन शैली दर्शन नहीं है। |
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होश पूर्वक और निर्भय होकर संबंधित कैसे हों?
"प्रेम तुम्हारे जीवन में एक यथार्थ होना चाहिए, न कि महज काव्य। उसे वास्तविक बनाना है। कभी भी पहले प्रेम का अनुभव लिया जा सकता है.…" |
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वोच ईट हीअर » |
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माह की ऑडियो पुस्तक  |
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दि सर्च |
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दस प्रसिद्ध ज़ेन चित्र जो एक किसान की कहानी चित्रित करते हैं जो अपने खोये हुए बैल की खोज में गया था। यह एक प्रतीक कथा है जो प्रत्येक व्यक्ति की बुद्धत्व की खोज की ओर इशारा करती है।.…" |
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माह की ई पुस्तक  |
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इंटेलिजेन्स |
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इस पुस्तक में ओशो इस सामान्य धारणा को चुनौती देते हैं कि बुद्धि को विकसित करने का बेहतरीन तरीका है युक्ति को प्रशिक्षित करना। ओशो कहते हैं, युक्ति तार्किक होती है, और बुद्धि विरोधाभासी होती है।.… |
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