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OSHO Nataraj Meditation

OSHO Nataraj Meditation

 
65 मिनट के इस नृत्य ध्यान के तीन चरण हैं, विशेष संगीत के साथ।
 
इस ध्यान-विधि का मार्ग नृत्य में खोकर मौन व विश्रांत हो भीतर प्रवेश करना है।
 
“नर्तन को भूल जायें, अहंकार के केंद्र को भूल जायें; नृत्य ही हो जायें। यही ध्यान है। नृत्य में इतना गहरा उतर जायें कि आप पूर्णतया भूल जायें कि नृत्य आप कर रहे हैं। यह महसूस करें कि आप नृत्य हैं। द्वंद्व शेष न रहे; और तब यह ध्यान हो जाता है।
 
और यदि विभाजन बचा तो फिर यह केवल व्यायाम है: अच्छा है, स्वास्थ्यवर्धक है परंतु इसे दिव्य नहीं कहा जा सकता। यह साधारण नृत्य है। नृत्य अपने आप में शुभ है – जब तक चलता है शुभ है। इसके पश्चात आप ताज़ा व नया अनुभव करेंगे। परंतु अभी यह ध्यान न हुआ। नर्तक को विदा होना होगा जब तक कि केवल नृत्य न बचे… किनारे पर खड़े मत रहें, दर्शक मात्र न रहें। सहभागी बनें। 
 
और खेलपूर्ण रहें। खेलपूर्ण शब्द को सदा स्मरण रखें – यह मेरी देशना का मूल सूत्र है।” ओशो
 
पहला चरण: 40 मिनट
 
आँखें बंद रखें, इस प्रकार नाचें जैसे आविष्ट हो गए हों। अपने पूरे चेतन को उभरकर नृत्य में प्रवेश करने दें। न तो नृत्य को नियंत्रित करें, और न ही जो हो रहा है उसके साक्षी बनें। बस नृत्य में पूरी तरह डूब जाएं।
 
दूसरा चरण: 20 मिनट
 
आँखें बंद रखते हुए तत्क्षण लेट जाएं। शांत और निश्चल रहें।
 
तीसरा चरण: 5 मिनट
 
उत्सव-भाव से नाचें; आनंदित हों और अहोभाव व्यक्त करें।
 
संगीत डाउनलोड करने के लिये: here. 
(Right click on the link and choose "Save Target As") here. 
सैंपल सुने।