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OSHO Times Body Dharma अपनी जड़ों को खोजना

अपनी जड़ों को खोजना

मैं घुटनों से नीचे अपने पैरों में कोई संवेदना नहीं महसूस करता।

तुम्हारा पृथ्वी के साथ सम्पर्क नहीं है। यहां ऐसे लोग हैं जो अपने पैरों को पूरी तरह भूल चुके है, और यदि तुम पैरों को भूल जाते हो तो वे उपेक्षित हो जाते हैं। उन्हें देखभाल की जरूरत है।

कई लोग घुटनों से ऊपर रहते हैं और वे शायद ही कभी यह बात जान पाते हैं। लेकिन अगर तुम घुटनों से ऊपर रहते हो, तो तुम्हारे और पृथ्वी के बीच एक अंतर है - पृथ्वी मां है। यह एक लक्षण है कि तुम अपनी मां के साथ प्रेम में कभी गहरे नहीं गए हो। यह उन लोगों के साथ होता है जो कभी मां के साथ प्रेम में नहीं थे। वे पृथ्वी के साथ संपर्क खो देते हैं, क्योंकि पृथ्वी मां है, और हवा पिता है। तो जिन लोगों के पिता के साथ अच्छे संपर्क नहीं है उन्हें हमेशा श्वास की परेशानी होती है। वे बहुत उथली सांस लेते हैं।

यह बदला जा सकता है, चिंता की कोई बात नहीं है।

(ओशो ने सुझाव दिया कि प्रशनकर्ता पृथ्वी पर नंगे पैर खड़ा हो और पृथ्वी के साथ भीतर से संपर्क बनाने का प्रयास करे, उसके अंतरतम को घुटनों से नीचे प्रवाहित करे। और जब वह यह करे, उसे गहरी सांस लेनी चाहिए, जो ऊर्जा को सेक्स सेंटर की ओर बहने के लिये बाध्य करेगी और जमीन से जुड़ने में मदद करेगी। कुछ दिनों के बाद वह अपने अंतरतम की तरंगों को पृथ्वी के चुंबकीय खिंचाव की ओर गतिमान होता महसूस करेगी, और पृथ्वी उसकी ओर खिंची आएगी।

उन्होंने दूसरा सुझाव दिया कि गर्म पानी के फौहारे में नहा कर तुरंत ठंडे पानी से नहाना शरीर के सिकुड़ने व संकुचित होने में प्रोत्साहित करेगा। और सोने से पहले प्रत्येक रात, वह अपने पैर की नीचे की ओर मालिश करे।)

Osho,  A Rose is a Rose is a Rose, Talk #17
(This title is no longer available at Osho's Request)