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OSHO Times Body Dharma पूर्णता स्वास्थ्य है

पूर्णता स्वास्थ्य है

पूर्णता की अभीप्सा हर चीज में निहित है,
लेकिन केवल आदमी में वह सचेत हो गई है.
इसलिए आदमी तनाव में रहता है,
और जब यह आकांक्षा पूरी हो जाती है तब वह अपने तनाव के नकारात्मक स्थिति से बाहर आता है.
तनाव अनंत क्शमता का और असीम संभावनाओं का प्रतीक है.

आदमी वह नहीँ है जो वह हो सकता है,
और जब तक वह वह नहीँ होता,
जो कि वह हो सकता है,
वह चैन से नहीं जी सकता.
आदमी यह बीमारी है,
और स्वास्थ्य पूर्णता में है.

यह तथ्य कि अँग्रेजी भाषा मेँ 'होल,'
'होली' और 'हीलिँग' की मूल धातु एक ही है,
एक गहरी सच्चाई छिपाये हुए है: जो 'होल,'
अर्थात पूर्ण है वही स्वस्थ होता है,
और स्वस्थ होना पूर्ण होना है.
यह पूर्णता केवल पूरी तरह से सचेत होकर प्राप्त की जा सकती है:

अवचेतन के अंधेरे मेँ प्रवेश कर प्रकाश में बदलना है.

और ध्यान उसकी पद्धति है.

ए कप ऑफ टी, 176