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OSHO Times Emotional Ecology निर्मल दृष्टि

निर्मल दृष्टि

उलझन एक बहुत बड़ा अवसर है।  जो लोग उलझन महसूस नहीं करते उनके साथ मुश्किल बहुत ज्यादा है। वह यह कि वे नहीं जानते और मानते हैं कि वे जानते हैं। जो लोग मानते हैं कि उन्हें स्पष्टता है ऐसे लोग बड़ी मुश्किल में पड़ ही गए हैं।  उनकी स्पष्टता सतही है।वस्तुत: वे स्पष्टता के बारे में कुछ नहीं जानते, वे जिसे स्पष्टता कहते हैं वह सिर्फ पूर्खता है।
मूर्ख लोग बहुत स्पष्ट होते हैं -- इन अर्थों में कि उनके पास उलझन महसूस करने की बिद्धि भी नहीं होती।
उलझन महसूस करने के लिए बड़ी बुद्धिमानी चाहिए।

दि बुक ऑव विज़डम