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Osho Osho On Topics टीवी देखना

टीवी देखना

टीवी देखना

इस बात का ध्यान रखो कि तुम अपने मन के भीतर क्या ग्रहण करते हो। लोग बेखबर हैं; वे सब कुछ और कुछ भी पढ़े चले जाते हैं, टीवी पर कोई भी मूर्खतापूण बात देखे चले जाते हैं, फालतू की गपशप अदान-प्रदान किये चले जाते हैं और एक-दूसरे के सिर में कचरा डाले चले जाते हैं।
 
ऐसी परिस्थिति को टालो जिसमें तुम बेवजह के कचरे के बोझ तले भर दिए जाते हो। तुम्हारे पास पहले ही ढेर है। तुम्हें उससे हल्का होने की जरूरत है।
 
सिर्फ आवश्यक बातें सुनो और करो, और धीरे-धीरे तुम देखोगे की स्वच्छता, एक शुद्धता का भाव, ऐसे जैसे कि तुमने अभी-अभी स्नान लिया है, तुम्हारे भीतर उठने लगेगा। वह ध्यान के विकसित होने के लिए आवश्यक मिट्टी बनेगा। यदि तुम अपने मन में कुछ अंतराल खाली छोड़ देते हो, वे चेतना के खाली क्षण ध्यान की झलकें बन जाएंगे, उस पार की पहली झलक, अ-मन की पहली चमक।
 
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