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| भीड़ के खिलाफ मैं |
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समूहों की सदस्यता और भीड़ की मानसिकता से
सावधान!
ओशो देशना के अनुसार, विकास, अकेला होने से आता है; अत: अपनी निजता बनाये रखने पर आग्रह है। |
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| अगर हमारा विकास एक दूसरे से जुड़ा है और मानवता एक शरीर की भांति है, तो आप सार्वभौमिकता के बजाए निजता पर अधिक जोर क्यों देते हैं? |
| हां, हम एक दूसरे के हिस्से हैं। केवल मानवता ही एक नहीं, यह अस्तित्व एक है। इस एकता को दो स्तरों पर अनुभव किया जा सकता है: एक गहन बेहोशी में और दूसरा परम होश में। या तो तुम्हें एक पेड़ बनना पड़ेगा; तब तुम अस्तित्व के साथ एक होते हो। या तुमको बुद्ध होना पड़ेगा; तब तुम अस्तित्व के साथ एक होते हो। इन दोनों के बीच तुम अस्तित्व के साथ एक नहीं हो सकते। चेतना व्यक्तिगत है, अचेतना सार्वभौमिक है, परम होश सार्वभौमिक है, चेतना व्यक्तिगत है…। |
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| अपना मुंह बंद करो! |
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| पिछले सप्ताह आरंभ हुआ तिलोपा सूत्र का दूसरा भाग निरर्थक बातें नहीं करता। उसकी सलाह है, अपना मुंह बद करो! |
मुंह वास्तव में बहुत बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहीं से पहली क्रिया शुरु हुयी; तुम्हारे ओठों ने पहली क्रिया की। मुंह के आसपास की जगह से हर क्रिया की शुरुआत हुयी: तुमने स्वांस अन्दर ली, तुम रोए, तुमने मां का स्तन ढूंढना शुरु किया। और तुम्हारा मुंह हमेशा सतत क्रियाशील रहा।
"जब भी तुम ध्यान के लिए बैठते हो, जब भी तुम मौन होना चाहते हो, पहली बात अपना मुंह पूरी तरह से बन्द करो। अगर तुम मुंह पूरी तरह से बन्द करते हो, तुम्हारी जीभ तुम्हारे मुंह की तालु को छुएगी; दोनों ओंठ पूरी तरह से बन्द होंगे और जीभ तालु को छुएगी। इसको पूरी तरह से बन्द करो लेकिन यह तब ही हो सकेगा जब तुमसे जो भी मैंने कहा तुम उसका पालन करो, इससे पहले नहीं। |
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| जीना बिना भय के |
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| मैं मेरे आसपास एक कवच महसूस करता हूं जोकि मुझे लोगों के करीब आने से रोकता हैं। मुझे नहीं पता यह कहां से आ रहा है। इसे कैसे पिघला कर दूर करना है? |
हर किसी के पास उस तरह का कवच है।
इसके लिए कारण हैं। सबसे पहले, बच्चा बिलकुल असहाय उस दुनिया में पैदा होता है जिसके बारे में वह कुछ नहीं जानता है। स्वभावत:जो अनजान है उसे सामना करने से उसे डर लगता है। वह अभी तक पूर्ण सुरक्षा के उन नौ महीनों को नहीं भूला है, खतरे से खाली, जब कोई समस्या नहीं थी, कोई जिम्मेदारी नहीं, कल के बारे में कोई चिंता नहीं। |
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मैं फ्रांस से आई एक फैशन डिज़ाइनर हूं जिसकी अपनी एक छोटी बहुराष्ट्रीय कंपनी थी, जिसमें रीसाइकल्ड (दोबारा नई की गयी) और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री उपयोग की जाती थी। एक अलग तरीके से कार्य और व्यवहार करना सीखने के लिए मैंने कार्य-ध्यान प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया। मेरा कार्य, समारोह आयोजन विभाग (ईवेंट डिपार्टमेंट) में है, और मैं इसे बहुत पसंद करती हूं। यह वास्तव में जैसी मैं हूं उसके अनुकूल है, और मुझे इसमें समयानुसार योगदान करना होता है। हमारी अन्तरराष्ट्रीय टीम प्लाज़ा पार्टियों, वैराइटी शोज़, संगीत कार्यक्रमों, ब्रंच आयोजन और सब प्रकार के आयोजनों में सजावट करने का कार्य करती है। यह देखना आश्चर्यजनक है कि कुछ ही घंटों में मिल-जुलकर क्या किया जा सकता है। यह आनंददायक और तनावरहित होकर कार्य करने का तरीका मेरे लिए सचमुच कुछ सीखने जैसा था। मुझे हमेशा पूरी तरह से पूर्व निर्धारित चीजें पसन्द रही हैं। शुरु में मैं लगातार थकी और निराश रहती थी, क्योंकि मैने उम्मीद की थी कि मैं कुछ निर्धारित घंटों के लिए काम करूंगी और मेरे पास ध्यान के लिए भी समय होगा। मेरे कोच ने मुझे अपनी उम्मीदों को छुड़वाने में मदद की, और समझाया कि अगर मैं काम के समय जागरुक रहूं तो वही अपने आप में ध्यान बन जाता है। इससे मेरे कंधों से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया। अब मेरे अंदर इतनी ऊर्जा है कि मैं सारे कामों के अलावा ओशो डायनैमिक मेडिटेशन भी कर सकती हूं। मैं सच में यहां रहने से प्रफुल्लित हुई हूं – मैं जल में मछली की भांति अनुभव करती हूं।।
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अप्रैल 16 को फास्ट ट्रैक टु योरसेल्फ कीजिए और ध्यान का सार तत्व, साक्षी होने की सुनहरी कुंजी खोजिए। दिन का केन्द्र बिन्दु होगा चार अलग-अलग द्वारों – शरीर, इन्द्रियां, विचार, और भावना – का परिचय जिनके द्वारा अपने से और अपनी आंतरिक वास्तविकता से संपर्क होता है। यह आपको यह देखने का अवसर भी देता है कि आपके लिए मल्टीवर्सिटी का कौन सा कार्यक्रम उपयोगी होगा, और आपको ध्यान के समय “साक्षी” बनने में सहायता करेगा। बहुत से प्रश्न, परेशानियां, घाव और वेदनाएं हमारी बहुत शुरुआती जिंदगी से संबन्धित हैं। प्राइमल रिबर्थ – 8 दिवसीय अप्रैल 23-30 में आप पुन: अपने सच्चे स्वरूप की प्राप्ति का मार्ग पा सकते हैं।
5–8 मई को अवेयरनेस इंटेंसिव: हू इज़ इन? को बनाया गया है अपनी सारी ऊर्जा को इस खोज पर केंद्रित करने के लिए कि आप वास्तव में कौन हैं और 7–9 मई को, समझिए, अनुभव कीजिए आपकी इनर स्किल्स फौर वर्क एंड लाइफ। इसके बाद 10–16 मई को, सीखिए उपयोग करना सेल्फ-हिप्नोसिस फौर मेडिटेशन एक महान साधन आपकी दैनिक जीवनचर्या के लिए। और मई 11–13, यात्रा कीजिए शेमैनिक हीलिंग जर्नी में प्रकृति से वापस जुड़ने की और अपनी पुरानी प्रतिक्रिया करने वाली आदतों से मुक्त होने की जो आपको स्वास्थ्यप्रद ऊर्जा प्राप्त नहीं करने देती। अगर आप ओशो बोर्न अगेन प्रक्रिया से प्रेम करते हैं, और अपने इस अनुभव को और अधिक गहन करना चाहते हैं और इसको आयोजित करना सीखना चाहते हैं, 18–23 मई को भाग लीजिए ओशो बोर्न अगेन फैसिलिटेटिंग में।
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| आप सभी ओशो ज़ेन टैरो प्रशंसकों को मतदान करने के लिये और इसे 2011 About.com/अबायुट.काम रीडर्स च्वाइस अवार्ड विजेता बनाने के लिए धन्यवाद! |
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यह प्रतियोगिता मार्च 8, 2011 को संपन्न हुई और उसमें ओशो ज़ेन टैरो लगातार आगे था । |
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यह पुरस्कार विजेता डेक अब भी
आई फोन्स – आई पैड और एन्ड्रोइड फोन के लिए उपलब्ध है |
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पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो पुस्तकें |
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पिछले महीने के सर्वाधिक लोकप्रिय संगीत ट्रैक |
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| चिंताग्रस्त हो? जाग जाओ। |
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जब तुम चिंता अनुभव करो, बहुत चिंताग्रस्त होओ, तब इस विधि का प्रयोग करो। इसके लिए क्या करना होगा? जब साधारणतः तुम्हें चिंता घेरती है तब तुम क्या करते हो? सामान्यतः क्या करते हो? तुम उसका हल ढूंढते हो; तुम उसके उपाय ढूंढते हो। लेकिन ऐसा करके तुम और भी चिंताग्रस्त हो जाते हो, तुम उपद्रव को बढ़ा लेते हो। क्योंकि विचार से चिंता का समाधान नहीं हो सकता है; विचार के द्वारा उसका विसर्जन नहीं हो सकता है। कारण यह है कि विचार खुद एक तरह की चिंता है। विचार करके तुम चिंता को बढ़ाते हो। विचार के द्वारा तुम उससे बाहर नहीं आ सकते, बल्कि तुम उसके दलदल में और भी धंसते जाओगे। यह विधि कहती है कि चिंता के साथ कुछ मत करो; सिर्फ सजग होओ, बस सावचेत रहो।
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| वाच ओशो टाक हियर |
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