 |
इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
अप्रैल 2 0 1 2
|
 |
|
 |
| |
| "प्रेम के लिए दो पंख जरूरी हैं: उसकी जड़ें स्वतंत्रता में हों और उसे श्रद्धा की कला सीखनी चाहिए।" ओशो |
|
|
| |
|
|
| |
 |
|
 |
| |
ओशो.कॉम |
 |
|
|
|
| |
दि अदर माइसैल्फ  |
 |
| |
आप विवाह के खिलाफ क्यों हैं? |
|
|
| |
मुझे पता है कि आप विवाह के खिलाफ हैं लेकिन फिर भी मैं विवाहित होना चाहता हूं। क्या मुझे आपके आशीष मिलेंगे?
मर्फी के सूत्र पर ध्यान करो: मूर्ख और उसकी शांति फौरन अलग हो जाते हैं। .…" |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
बॉडी धर्म  |
 |
| |
शारीरिक बुद्धिमत्ता |
|
|
| |
" मैं पिछले दस वर्षों से बार-बार बीमार पड़ता हूं। मेरे विचार से मैं अपने शरीर से ज्यादा तेज चल रहा हूं। मेरा अनुमान है कि मैं अपने केंद्र से हट जाता हूं और तब शरीर प्रभावित होता है।.
“तुम्हारी समझ सही रास्ते पर है। सबको अपने शरीर के कार्य के बारे में समझना है। .…" |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| |
इमोशनल इकोलॉजी  |
 |
| |
भय में जीना |
|
|
| |
"तुम्हारे सारे भय तादात्म्य की उपज हैं।
तुम किसी स्त्री से प्रेम करते हो और प्रेम के साथ, उसी पैकेज में भय आता है: कि वह तुम्हें छोड़ देगी। वह पहले भी किसी को छोड़ चुकी है और फिर तुम्हारे साथ आई है। ऐसा घटा है; शायद वह तुहारे साथ ऐसा ही करे ।..…" |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| |
माह का ध्यान  |
 |
| |
प्रेम में श्वास लेना |
|
|
| |
“प्रेम सदा नया होता है। वह कभी पुराना नहीं होता क्योंकि वह कुछ इकट्ठा नहीं करता, कुछ संगृहीत नहीं करता।
“उसके लिए कोई अतीत नहीं है, वह हमेशा ताज़ा होता है, उतना ही ताज़ा जितने कि ओस कण। वह क्षण-क्षण जीता है, आणविक होता है।
.…" |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
| |
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |
|
|
| |
ओशो इंटरनैशनल मेडिटेशन रिज़ॉर्ट साक्षात्कार 
|
 |
|
|
|
| |
|
|
| |
इस माह की
पुस्तक  |
 |
| |
ज्यों की त्यों धरि दीन्हीं चदरिया |
|
|
| |
इस पुस्तक में ओशो आत्म-जागरण के उन पांच वैज्ञानिक उपकरणों पर चर्चा करते हैं जिन्हें पंच-महाव्रत के नाम से जाना जाता है—अहिंसा, अपरिग्रह, अचौर्य, अकाम व अप्रमाद।.… |
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
| |
|
|
|
|
| |
|
|
|
|
| |
|
|
| |
मल्टीमीडिया |
 |
|
|
|
| |
ओशो प्रवचनों को यहां
देखें  |
 |
| |
मेरी जीवन शैली दर्शन नहीं है। |
|
|
| |
होश पूर्वक और निर्भय होकर संबंधित कैसे हों?
"प्रेम तुम्हारे जीवन में एक यथार्थ होना चाहिए, न कि महज काव्य। उसे वास्तविक बनाना है। कभी भी पहले प्रेम का अनुभव लिया जा सकता है.…" |
|
|
| |
वोच ईट हीअर » |
|
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| |
माह की ऑडियो पुस्तक  |
 |
| |
व्हैन दि शू फिट्स |
|
|
| |
यह एक ड्रम की आवाज है जिसे शिष्य को सिखाते समय एक ज़ेन सद्गुरु ने बजाया था। यह ज़ेन की काव्यात्म का प्रतीक तो है ही, साथ ही.…" |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| |
माह की ई पुस्तक  |
 |
| |
फ्राम मैडिकेशन टु मेडिटेशन |
|
|
| |
आंतरिक जगत को उसके अपने शब्दकोश की जरूरत होती है। ओशो ने बहुत प्रवीणता के साथ अंतर जगत के अनुभवों को अभिव्यक्त करने के लिए सरल, सहज और स्पष्ट शब्द गढ़े हैं। "ए बी सी ऑफ एनलाइटनमेंट" महज शब्दकोश नहीं है वरन जीवन पर लिखी गई एक किताब है.… |
|
|
| |
और पढ़ें » |
|
|
| |
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|