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OSHO
इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
दिसम्बर 2 0 1 0
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"संसार में बड़े से बड़ा चमत्कार यह है कि कोई भी-- कोई समाज, कोई राज्य, कोई चर्च तुम्हें सम्मोहित नहीं कर सकता।" ओशो
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प्रेम की विवशता
प्रेम की विवशता
मेरी बहन म्रत्यु के करीब है| वह हमेशा मेरे साथ रही जब भी मुझे कुछ आवश्यकता पड़ी; अब जब उसको मेरी आवश्यकता है, मैं इतना असहाय अनुभव कर रहा हूं?
जब भी तुम किसी को प्रेम करते हो तुम पूरी तरह से असहाय अनुभव करते हो| यही प्रेम की पीड़ा है: व्यक्ति समझ नहीं पाता कि वह क्या कर सकता है| तुम सब कुछ करना चाहते हो, तुम प्रेमी या प्रेमपात्र को सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड दे देना चाहते हो, किन्तु तुम क्या कर सकते हो?

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शारीरिक श्रम एक लज्जापूर्ण कृत्य हो गया है, वह एक शर्म की बात हो गई है।
शारीरिक श्रम एक लज्जापूर्ण कृत्य हो गया है, वह एक शर्म की बात हो गई है।
पश्चिम के एक विचारक आल्वेयर कामू ने अपने एक पत्र में मजाक में लिखा है कि एक जमाना ऐसा भी आएगा कि लोग अपना प्रेम भी नौकर के द्वारा करवा लेंगे। अगर किसी को किसी से प्रेम हो जाएगा, तो एक नौकर लगा देगा बीच में कि तू मेरी तरफ से प्रेम कर आ।

यह संभावना किसी दिन घट सकती है। क्योंकि और सब तो हम दूसरों से करवाना शुरू कर दिए हैं, सिर्फ प्रेम भर एक बात रह गई है, जो हम खुद ही करते हैं।

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परिपक्वता
परिपक्वता
परिपक्व व्यक्ति के क्या गुण हैं?
परिपक्व व्यक्ति के गुण बड़े विचित्र हैं|
सर्वप्रथम, वह व्यक्ति नहीं होता| वह अब एक अहंकार नहीं है| उसकी उपस्थिति है, किन्तु वह व्यक्ति नहीं है|
दूसरा, वह बच्चे जैसा अधिक होता है... सरल और निर्दोष|
इसीलिए मैंने कहा कि एक परिपक्व व्यक्ति के गुण बड़े विचित्र हैं, क्योंकि परिपक्वता ऐसा आभास देती है जैसे की वह अनुभवी हो गया है, जैसे कि वह आदमी बूढ़ा होता है|
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  ओशो मेडिटेशन रिज़ॉर्ट OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
मैं भारत से हूं किन्तु मैं ओर्थोपेडिक सर्जन एवं योग प्रशिक्षक के रूप में यूरोप में कार्य करता हूं| मैं यहां प्रथम बार १९७६ में अपने अंकल के साथ आया था, जब मैं मात्र सात वर्ष का था| उसके बाद मैं 'ओ आई एम आर' आता था और यह मेरा स्वप्न था कि मैं यहां रहने का और कार्य करने का अनुभव लूं| तो एक दिन मैंने आवासीय कार्यक्रम में भाग लेने का निर्णय लिया|

आगंतुक के रूप में यहां आना, यहां पर कार्य करने से पूर्णतया भिन्न है| कार्य करते समय हम ऊर्जा क्षेत्र का अंग बन जाते हैं जहां हर कोई अपने ऊपर कार्य कर रहा है| जो हम संध्या सत्संग में सीखते हैं अर्थात सुनने की कला, विश्राम, उत्सव; ६ घंटे के कार्य में उपयोग किया जा सकता है| यहां पर आयोजित 'इनर स्किल्स' कार्यशाला एक महान सहयोग है- जिसमें हम श्वास, उपस्थित होने, सजग होने और प्रमुदित होने से संबंधित सरल विधियां सीखते हैं, और यह विधियां दैनंदिन जीवन में कार्यान्वित करने में वास्तव में सरल हैं|

प्रशिक्षण के दौरान सब से बड़ा सहयोग संध्या सत्संग से मिलता है| जो भी कुछ तुमने पूरे दिन में अनुभव किया है और जो प्रश्न तुम्हारे समक्ष खड़े होते हैं किसी न किसी रूप में ओशो द्वारा उत्तरित हो जाते हैं, एक ध्यानपूर्ण और मौन वातावरण में|

प्रारंभ में मैं यहां कार्य करने के सम्बन्ध में थोड़ा भयभीत था क्योंकि मुझे लगता था कि मेरी त्रुटियां यहां के ध्यानपूर्ण व्यक्तियों द्वारा कठोरतापूर्ण ढंग से ली जाएंगी| किन्तु मैंने अनुभव किया की यहां व्यक्ती खेलपूर्ण और सहयोगी हैं, और यह की त्रुटियों की अनुमति है एवं उनके सम्बन्ध में अच्छे भाव से बताया जाता है| प्रातः काल मैं बुद्धा ग्रोव में खुले आकाश के नीचे और वृक्षों, बांस वृक्षों, और पक्षियों के संगीत से घिरा हुआ योग सिखाता हूं; यह एक बिलकुल पारलौकिक अनुभव है|

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  मल्टीवर्सिटी OSHO MULTIVERSITY
 
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दिसम्बर २५ से २९ के बीच आपको खेलपूर्ण निमंत्रण है, फाइंडिंग योर वॉइस फाइंडिंग योर सांग कितना भी अच्छा अथवा बुरा आप अपनी आवाज़ के संबंध में सोचते हों, अपनी आवाज़ को खोजने के लिए, अपने गीत को खोजने के लिए| अपने अनूठे संगीत उपकरण से जुड़ें और अपने भीतर से गीत निर्मित होने दें! दिसम्बर २८ से ३१ के बीच सूफ़ी विरोधाभासों के साथ प्रयोग करें जो आपकी ऊर्जा को राग से हटा कर आपको अपने केंद्र पर जाने में सहयोग करते हैं-- 'डाई बिफोर यु डाई- ए सूफ़ी सेनट्रिंग थ्रू लाइफ एंड डेथ' नामक कोर्स में|

अकेला क्यों महसूस करें? जनवरी १-२ के बीच कमिंग आउट ऑफ लोनलीनैस में अपनी सम्पूर्णता को महसूस करें और अनुभव करें अपनी आतंरिक सम्पदा, अकेलेपन से बाहर आकर और फिर जनवरी ६-९ तक आतंरिक और बाह्य प्रचुरता के संबंध में अपने विश्वासों और द्रष्टिकोण का निरीक्षण करें- 'द मनी कोर्स' के दौरान| नृत्य और चित्रकारिता गहरे जुड़े हैं| वे दोनों अभिव्यक्ती हैं एक ही जीवन, श्वास, तरंगायित ऊर्जा की--हमारी सृजनात्मक जीवन शक्ति की- जनवरी ७-९ इसको 'पेंटिंग योर डांस' नामक कोर्स में जिएं| फिर जनवरी ८-१० अपने साथ खेलपूर्ण और ईमानदार हो जाएं 'ओपन टु इंटीमेसी' नामक कोर्स में| और जनवरी ९-१३ के बीच आप ओशो ध्यान विधियों की गहरी समझ पा सकते हैं और उनको बांटना भी सीख सकते हैं ओशो मैडीटेशन्स कोर्स में |

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  पुस्तक विमोचन BOOK RELEASE
 
जिन खोजा तिन पाइयां
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जिन खोजा तिन पाइयां

ISBN 978-81-7261-045-6
Size : - 7.5" x 8.5"
Pages - 400
Hard Back
Price- Rs.235/-

कुंडलिनी-यात्रा पर ले चलने वाली इस अभूतपूर्व पुस्तक के कुछ विषय बिंदु: शरीर में छिपी अनंत ऊर्जाओं को जगाने का एक आह्वान सात चक्रों व सात शरीरों के रहस्यों पर चर्चा आधुनिक मनुष्य के लिए ध्यान की सक्रिय विधियों का जन्म तंत्र के गुह्य आयामों से परिचय

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मैं मृत्‍यु सिखाता हू
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मैं मृत्‍यु सिखाता हू

ISBN 978-81-7261-040-1
Size :- 7.5" x 8.5"
Pages- 376
Hard Back
Price - Rs.225/-

समाधि में साधक मरता है स्वयं, और चूंकि वह स्वयं मृत्यु में प्रवेश करता है, वह जान लेता है इस सत्य को कि मैं हूं अलग, शरीर है अलग। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, मृत्यु समाप्त हो गई। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, और जीवन का अनुभव शुरू हो गया। मृत्यु की समाप्ति और जीवन का अनुभव एक ही सीमा पर होते हैं, एक ही साथ होते हैं। जीवन को जाना कि मृत्यु गई, मृत्यु को जाना कि जीवन हुआ। अगर ठीक से समझें तो ये एक ही चीज को कहने के दो ढंग हैं। ये एक ही दिशा में इंगित करने वाले दो इशारे हैं।

ओशो

मृत्यु से अमृत की ओर ले चलने वाली इस पुस्तक के कुछ विषय बिंदु: मृत्यु और मृत्यु-पार के रहस्य सजग मृत्यु के प्रयोग निद्रा, स्वप्न, सम्मोहन व मूर्च्छा के पार — जागृति सूक्ष्म शरीर, ध्यान व तंत्र-साधना के गुप्त आयाम

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  मल्टीमीडिया स्टोर MULTIMEDIA STORE
Top 5 Audiobooks पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो पुस्तकें
द वे ऑफ़ द बर्डस
1. द वे ऑफ़ द बर्डस
2. टिअरिंग डाउन, ब्रेकिंग अप
3. डोंट वॉब्ल
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5. गैट आउट! गैट आउट फ्रॉम योर ब्लेंकेट्स!
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आफ्टर द साइलेंस
1. आफ्टर द साइलेंस
2. ब्लैक मीट्स वाईट
3. फुल्नेस एंड एम्प्टीनेस
4. हार्ट सौंग
5. मीटिंग पॉइंट
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नोव्हेअर टु गो बट इन
1. नोव्हेअर टु गो बट इन
2. इन सर्च ऑफ़ द मिरैकुलस
3. बी स्टिल एंड नो
4. फ्रॉम डेथ टु डेथलेसनेस
5. द बुद्धा: द एम्प्टीनेस ऑफ़ द हार्ट
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Celebration of Deuter - New Earth Record
 
  माह का ध्यान MONTHLY MEDITATION
गहन रूप से तरो-ताज़ा रखने वाली निद्रा के लिए एक ध्यान:
चेतना ही प्रत्येक प्राणी के रूप में है, अन्य कुछ भी नहीं है।
तुम संभवतः रात ठीक से सो नहीं रहे हो | बहुत कम व्यक्ति ठीक से सो रहे हैं, तो जब तुम रात ठीक प्रकार से नहीं सोए हो, तुम दिन में थोड़ा थका हुआ अनुभव करते हो| यदि तथ्य यह है, तो अपनी नींद के साथ कुछ करो| उसको गहरा किया जाना चाहिए| समय का अधिक प्रश्न नहीं है--तुम आठ घंटे सो सकते हो, और यदि यह गहरा नहीं है, तुम नींद की जरूरत महसूस करोगे-- प्रश्न गहराई का है|

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