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OSHO
इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
फरवरी 2 0 1 1
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"सिर्फ खुला हुआ मन ही उसे सुनने के लिए तैयार होता है जो उसके खिलाफ जाता है। बंद मन सिर्फ उसे सुन सकता है जो उसका समर्थन करता है।" ओशो
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मैगज़ीनOमेडिटेशनOमेडिटेशन रिज़ॉर्टOमल्टीवर्सिटीOशॉपOज़ेन टैरो
  ओशो.कॉमO
प्रेम की विवशता
प्रेम की विवशता
मैं अपनी प्रेमिका को जितनी स्वतंत्रता संभव है, देता हूं, लेकिन कभी कभार जब भी मुझे पीड़ा होती है, मैं बेचैन हो जाता हूं, क्या इसका अर्थ यह है कि मैं खुद को इतना प्रेम नहीं करता, और तभी मैं खुद को दूसरे के बाद रखता हूं?
शायद जितना तुम सोचते हो, यह उससे कहीं जटिल है।

पहली बात; अपनी प्रेमिका को स्वतंत्रता तुम देते हो यह बात ही गलत है। अपनी प्रेमिका को स्वतंत्रता देने वाले तुम कौन होते हो? तुम प्रेम कर सकते हो, और प्रेम का अर्थ है स्वतंत्रता। यह कोई ऐसी चीज नहीं जो दी जा सके।

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शारीरिक श्रम एक लज्जापूर्ण कृत्य हो गया है, वह एक शर्म की बात हो गई है।
सम्यक निद्रा।
ओशो
मनुष्य-जाति की सभ्यता के विकास में सबसे ज्यादा जिस चीज को हानि पहुंची है वह निद्रा है। जिस दिन से आदमी ने प्रकाश की ईजाद की उसी दिन निद्रा के साथ उपद्रव शुरू हो गया। और फिर जैसे-जैसे आदमी के हाथ में साधन आते गए उसे ऐसा लगने लगा कि निद्रा एक अनावश्यक बात है। समय खराब होता है जितनी देर हम नींद में रहते हैं। समय फिजूल गया। तो जितनी कम नींद से चल जाए उतना अच्छा। क्योंकि नींद का भी कोई जीवन की गहरी प्रक्रियाओं में दान है, कंट्रीब्यूशन है यह तो खयाल में नहीं आता। नींद का समय तो व्यर्थ गया समय है। तो जितने कम सो लें उतना अच्छा। जितने जल्दी यह नींद से निपटारा हो जाए उतना अच्छा।

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परिपक्वता
परिपक्वता
उदासी, क्रोध, हताशा, जो भी भाव आपके आसपास घुमड़ रहा हो और आप चाह्ते हों कि वह विदा हो जाए, उससे लड़ें मत, उसका तिरस्कार न करें या उसकी मौजूदगी का विरोध न करें वरन उसे स्वीकार करें।
नकारात्मकता के पार जाना हो तो उससे गुज़रकर ही जाना होता है।
मेरे भीतर यह उदासी है जो मेरी समझ में नहीं आती । मैं जानता हूं कि यह मेरा अहंकार है। लोग मुझे हमेशा कहते हैं कि मैं उदास लगता हूं, यह सुन-सुनकर मैं ऊब गया हूं। जब मैं खुश होता हूं तब भी वे कहते हैं कि उसमें उदासी का पुट है। मेरी समझ में नहीं आता कि क्या करूं।
एक काम करो, जब भी कोई कहता है, उसे गहन अनुग्रह से स्वीकार करो और उनसे कहो कि वे सही कह रहे हैं, कि तुम उदास हो। तुम इस तथ्य से बच रहे हो इसीलिए तुम्हें चोट लग रही है, नहीं तो नहीं लगती। यदि कोई कहे कि तुम सुंदर हो तो तुम्हें चोट नहीं लगती, तुम अनुगृहीत होते हो, वह प्रशंसा है।
जब कोई कहता है कि तुम उदास हो तो तुम्हें चोट क्यों लगती है? क्योंकि तुम उदास होना नहीं चाहते और तुम हो, और तुम चाहते हो कि किसी को पता न चले कि तुम उदास हो, जबकि तुम हो, तब भी।
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OSHO screensaver2011
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  ओशो मेडिटेशन रिज़ॉर्ट OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
दि लिविंग इन प्रोग्राम
ओशो इंटरनैशनल मेडीटेशन रिजॉर्ट, पुणे

 अब ध्यान और सौंदर्य से ओतप्रोत इस ऊर्जाक्षेत्र में रहने के तीन खूबसूरत अवसर। ओशो इंटरनैशनल ने तीन नये कार्यक्रम शुरु किये हैं जिनमें शामिल होकर आप इस स्थान से लाभान्वित हो सकते हैं।

 
मेडीटेशन रिजॉर्ट अनुभव

मेडीटेशन रिज़ॉर्ट के अनुपम ऊर्जाक्षेत्र में अपनी मौज से रहिये। साथ में आपको यहां की सहभागिता के बारे में मुफ्त परामर्श भी मिलेगा।


मल्टीवर्सिटी प्लस

इस कार्यक्रम के तहत आप 21 दिन चलनेवाला ओशो मिस्टिक रो़ज़ या 12 दिन तक कोई भी मल्टीवर्सिटी कोर्सेस कर पाएंगे।


 
वर्क एज़ मैडीटेशन

एक नए तरह से बनाया हुआ कार्य ध्यान कार्यक्रम जिसमें आप एक महीने काम कर सकते हैं। जो मित्र पहली बार काम कर रहे हैं उनके लिए एक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा।

OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORTOSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
 
इन सभी कार्यक्रमों में कम से कम एक महीने के लिए आरक्षण करवाना होगा।
इसमें रिज़ॉट के भीतर अटैच्ड बाथ के साथ एक कमरा तथा गेट पास सम्मिलित है।
विस्तार से जानने के लिए यहां आएं और ओशो कृष्ण भवन में हमारी टीम से मिलिये।

 अधिक जानकारी के लिए www.osho.com/livingin
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  मल्टीवर्सिटी OSHO MULTIVERSITY
 
OSHO MULTIVERSITY
फरवरी 15-17 पर प्यार के घावों को भरने में आ रही बाधाओं पर काबू पाने और विश्वासों को जानने के लिए हीलिंग दि वुण्ड्स ऑफ लव । 19 - 20 फरवरी कोओशो गुरजिएफ मूवमेंट्स में एक उपस्थिति, मौन, और प्रसाद की नई भावना को जानिए। हृदय चक्र यहां और अभी जीने के लिए महत्वपूर्ण है; अपने होश को सोच से अंतस तक ले आएं 19- 22 फरवरी तक आयोजित दि डोअर टु लव: योर फोर्थ चक्रमें। हमारे कई सवाल, कठिनाइयां, और दर्द हमारी जिंदगी की बहुत ही प्रारंभिक अवधि से संबंधित हैं।प्राइमल रीबर्थ में अपने सच्चे अंतर्तम तक वापस लौट आएं फरवरी 20 - 27 तक। और 27 फरवरी - 2 मार्च के दौरानरीलिविंग पास्ट लाइव्ज़: लिविंग नाउअपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को जगाकर अपने वर्तमान जीवन का जश्न मनाएं! फरवरी 28 - मार्च 3,डाय बिफोर यू डाय -ए सूफी सेन्टरिंग थ्रू लाइफ एण्ड डैथकोर्स में अपनी ऊर्जा को आसक्तियों से वापस लेकर अपने केन्द्र तक ले आएं।

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  पुस्तक विमोचन BOOK RELEASE
 
जिन खोजा तिन पाइयां
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Jeevan Rahasya

ISBN 978-81-7261-152-1
Size : - 7.5" x 8.5"
Pages - 400
Hard Back
Price- Rs.235/-

मनुष्य को बनना है दर्पण; चुप, एक लहर भी न हो मन पर। तो उसी क्षण में, जो है...उसी का नाम परमात्मा हम कहें, सत्य कहें, जो भी नाम देना चाहें। नाम से कोई फर्क नहीं पड़ता है। नाम के झगड़े सिर्फ बच्चों के झगड़े हैं। कोई भी नाम दे दें—एक्स, वाय, जेड कहें तो भी चलेगा। वह जो है, अननोन, अज्ञात, वह हमारे दर्पण में प्रतिफलित हो जाता है और हम जान पाते हैं। तब है आस्तिकता, तब है धार्मिकता, तब धार्मिक व्यक्ति का जन्म होता है।

अदभुत है आनंद उसका। सत्य को जान कर कोई दुखी हुआ हो, ऐसा सुना नहीं गया। सत्य को बिना जाने कोई सुखी हो गया हो, ऐसा भी सुना नहीं गया। सत्य को जाने बिना आनंद मिल गया हो किसी को, इसकी कोई संभावना नहीं है। सत्य को जान कर कोई आनंदित न हुआ हो, ऐसा कोई अपवाद नहीं है।

सत्य आनंद है, सत्य अमृत है, सत्य सब कुछ है—जिसके लिए हमारी आकांक्षा है, जिसे पाने की प्यास है, प्रार्थना है।

ओशो

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मैं मृत्‍यु सिखाता हू
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Main Kahta Aankhan Dekhi

ISBN : 978-81-7261-245-0
Hard Back
Size - 5.75" x 8.25"
Pages- 140
Price - Rs.120/-

मैं कहता आंखन देखी
ओशो की इस बहुचर्चित पुस्तक में ओशो उत्तर देते हैं उन महत्वपूर्ण प्रश्नों के जो उनसे पूछे गए हैं उनके कार्य के संबंध में, मनुष्यता के इस निर्णायक मोड़ पर उनके आगमन व उनके योगदान के संबंध में।

पुस्तक के अन्य विषय-बिंदु:
सत्य
चिन्मय कौन?
अजन्मा क्या?
धर्म

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  मल्टीमीडिया स्टोर MULTIMEDIA STORE
Top 5 Audiobooks पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो पुस्तकें
दि स्काय ऑफ कम्प्लीशन
1. दि स्काय ऑफ कम्प्लीशन
2. केऑस दि वैरी नेचर ऑफ एग्ज़िस्टन्स
3. लेट दि क्रिश्चिएन शिप ड्राउन
4. टु वैट, टु वैट फॉर नथिंग
5. फ्रीडम, नॉट लाइसेन्शियसनैस
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Top 5 Music Tracks पिछले महीने के सर्वाधिक लोकप्रिय संगीत ट्रैक
बाशोज़ पॉण्ड
1. बाशोज़ पॉण्ड
2. ए बर्ड कॉल्ड नाउ
3. लोटस रैन
4. मिस्टिका
5. ऑफ दि बीटन पाथ
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Top 5 eBooks पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ई बुक्स
दि धम्मपद: दि वे ऑफ दि बुद्ध, वाल्यूम 1
1. दि धम्मपद: दि वे ऑफ दि बुद्ध, वाल्यूम 1
2. क्रिश्चिएनिटी, दि डेडलिएस्ट पायज़न एण्ड ज़ेन, दि एन्टीडोट टु ऑल पायज़न्स
3. एण्ड दि फ्लावर्स शावर्ड
4. एण्ड नाउ एण्ड हियर
5. दि अल्केमी ऑफ योग
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Top 5 Audio Greetings पिछले महीने के सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो ग्रीटिंग
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Celebration of Deuter - New Earth Record
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  माह का ध्यान माह का ध्यान
होशपूर्वक खाना और पीना
होशपूर्वक खाना और पीना
भोजन करते हुए या पानी पीते हुए भोजन या पानी का स्वाद ही बन जाओ, और उससे भर जाओ। हम खाते रहते हैं, हम खाए बगैर नहीं रह सकते। लेकिन हम बहुत बेहोशी में भोजन करते हैं-यंत्रवत। और अगर स्वाद न लिया जाए तो तुम सिर्फ पेट को भर रहे हो। तो धीरे-धीरे भोजन करो, स्वाद लेकर करो और स्वाद के प्रति सजग रहो। और स्वाद के प्रति सजग होने के लिए धीरे-धीरे भोजन करना बहुत जरूरी है।

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