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शरीर भी कांच जैसा पारदर्शी हो सकता है। |
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हां; संकट की घड़ी बहुत कीमती घड़ी है। |
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जब हनीमून समाप्त हो जाता है तो इसके बाद क्या? |
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मैं एक इतालवी महिला हूं और ब्राजील में रहती हूं। मैं एक मानव विज्ञानी हूं और संचार तथा भावनात्मक काम की एक संचालिका हूं, और नाइके, फिएट, और फाइजर जैसी बड़ी कंपनियों के लिए सलाहकार रही हूं।
बारह साल पहले एक दोस्त ने मुझे एक पुस्तक दी यह कहते हुए कि यह व्यक्ति उतना ही अजीब है जितनी कि तुम हो। वह एक ओशो की किताब थी जिसमें ओशो ध्यान के बारे में बात कर रहे हैं। और इसमें उनकी जो दृष्टि प्रतिफलित हुई है वह मुझे बहुत पसंद आई। ये ध्यान व्यावहारिक थे और जमीन से जुड़े हुए, जिनमें शरीर, होश और भावनाएं भी शामिल होती हैं। एक समग्र दृष्टिकोण, न केवल आत्मा और मन की हवाई बातें।
ओशो की दृष्टि मुझे प्रेरित करती है और अधिक संपूर्ण होने के लिए, अधिक कुशलता से काम करने के लिए, सिर्फ आध्यात्मिक दुनिया में खोये रहने के लिए नही । मैंने बहुत सारा पैसा कमाया, भौतिक दुनिया में मशहूर और सफल रही। यह मेरी आध्यात्मिक खोज के लिए एक अच्छा आधार था। और अंत में मैं ओशो इंटरनेशनल रिज़ॉर्ट ध्यान करने के लिए यहां आई।
मेरा पहला अहसास यह था कि तुम भीतरी दुनिया में बहुत मज़े के साथ यात्रा कर सकते हो। मैं एक महीने के लिए आई थी और लेकिन अब चार महीनों से यहां हूं। यहां ढेर सारा प्यार, और बहुत से आलिंगन मिलते हैं। और यह स्थान इतना शांतिपूर्ण है, स्वच्छ और सुरुचिपूर्ण, भरपूर पेड़ और छलकता हुआ पानी। जब हवा चलती है तो सूखी पत्तियों का आकाश से गिरना--एक वरदान की तरह।
ध्यान यहां आसान है, क्योंकि जब बहुत से लोग एक ही प्रक्रिया में शामिल होते हैं तो गहरे में वे एक -दूसरे की मदद करते हैं।
मैंने ओशो मल्टीवर्सिटी में एक कोर्स किया "प्राइमल,"जो मेरे संस्कारों को समझने के लिए बहुत उपयोगी था। मेरे संस्कार थे कि कितनी भी दुखी क्यों न होऊं , हमेशा मुस्कुराते रहना; मैंने एक आकर्षक व्यक्तित्व विकसित किया था जो मेरे काम के लिए जरूरी था लेकिन जो असली नहीं था; इस कोर्स ने व्यक्तित्व की इन पर्तों को देखने में और उनसे पार जाने में मेरी मदद की। |
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अगर आप तनाव और चिंता में रहते हैं, अपने खुद के शरीर का अनुभव
उसकी सभी खुशियों के साथ भूल जाते हैं, तो एक दिन के लिए 18 जुलाई को
नरिश योर रूट्स करके देखें। 20 जुलाई से 25 जुलाई तक छह दिन
ओशो मेडिटेशन ट्रेनिंग में जरूर भाग लें। मुख्य ओशो सक्रिय ध्यान विधियों के अलावा अन्य ओशो ध्यान
प्रयोगों की एक पूरी श्रृंखला को समझिए और ध्यान सिखाने की कला को सीखकर बांटने का आनंद लीजिए।
अगस्त एक पर खुद के लिए
फास्ट ट्रैक टु योरसेल्फ में शरीर के चार प्रवेश बिंदुओं का उपयोग कर, शरीर, इंद्रियां, विचारों और भावनाओं का अनुभव कर, आप जानेंगे कि आप इन सभी से परे साक्षी हैं। 5 से 8 अगस्त
अवेयरनेस इंटेन्सिव: हू इज़ इन में आप अपनी समूची ऊर्जा इस खोज में केंद्रित करें कि आप कौन हैं, और 10 से 12 अगस्त के बीच
इनर स्किल्स फॉर वर्क एण्ड लाइफ में अपने कार्य और जीवन के लिए उपयोगी आंतरिक कौशल को सीखें और अनुभव करें। 8 अगस्त को
बिहाइंड दि मास्क : अपने आपको एक दिन दें अपने दिव्य पागलपन का पता लगाने, अभिनय, शरीर अभिव्यक्ति, मुखौटे, माइम के माध्यम से। और अगर आप
ओशो मिस्टिक रोज़ की प्रक्रिया पसंद करते हैं और अपने अनुभव को और गहरा करना चाहेंगे तथा साथ ही उसे सिखाना भी चाहेंगे तो आप 11 अगस्त से 31 तक चलनेवाले
ओशो मिस्टिक रोज़ सहभागी हो सकते हैं।
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क्रांतिबीज
प्रकाशक: OSHO Media International
आई एस बी एन: 978-81-7261-058-6
आकार - 4.75" x
7.5"
पृष्ठ संख्या -
220
हार्ड बाउंड
पुस्तक के बारे में:
‘कुछ क्रांतिबीज हवाएं मुझसे लिये जा रही हैं। मुझे कुछ ज्ञात नहीं कि वे किन खेतों में पहुंचेंगे, और कौन उन्हें सम्हालेगा। मैं तो इतना ही जानता हूं, उनसे ही मुझे जीवन के, अमृत के, और प्रभु के फूल उपलब्ध हुए हैं, और जिस खेत में भी वे पड़ेंगे, वहीं की मिट्टी अमृत के फूलों में परिणत हो जाएगी।’
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ओशो |
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ध्यान-सूत्र
प्रकाशक: OSHO Media International
आई एस बी एन:
978-81-7261-041-8
आकार - 5.75" x 8.25"
पृष्ठ संख्या - 168
सामान्य संस्करण
पुस्तक के बारे में:
महाबलेश्वर के प्राकृतिक वातावरण में ओशो द्वारा संचालित ध्यान शिविर के दौरान हुए प्रवचनों व प्रायोगिक ध्यान प्रयोगों का संकलन है यह पुस्तक। शरीर, विचारों और भावों की एक-एक परत से ग्रंथियों को विलीन करने की कला समझाते हुए, ओशो हमें समग्र स्वास्थ्य और संतुलन की ओर लिए चलते हैं।
कुछ विषय बिंदु:
सेक्स ऊर्जा का सृजनात्मक उपयोग कैसे करें?
क्रोध क्या है? क्या है उसकी शक्ति?
अहंकार को किस शक्ति में बदलें?
वैज्ञानिक युग में अध्यात्म का क्या स्थान है?
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ओशो |
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