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स्वास्थ्य, वास्तविक स्वास्थ्य, चार
स्तम्भों की नींव पर खड़ा है, चार
आंतरिक गुण…. |
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" स्वास्थ्य एक शारीरिक घटना ही
नहीं है।
यह मात्र इसका एक आयाम है, और वह
भी ऊपरी आयाम,क्योंकि मौलिक रूप
से देह तो मरणधर्मा है। स्वस्थ या
अस्वस्थ,यह क्षणभंगुर है।
वास्तविक स्वास्थ्य को तो कहीं
तुम्हारे भीतर घटित होना
है,तुम्हारी अंतरात्मा में,
तुम्हारी चेतना में...." |
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