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OSHO
इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
मई 2 0 1 1
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“यह जागरूकता है जो बदलाव लाती है, न कि तुम्हारा प्रयास । यह जागरूकता से क्यों संभव होता है? क्योंकि जागरूकता तुम्हें बदलती है, और जब तुम बदलते हो तो सारा संसार बदल जाता है। यह एक अलग संसार बनाने का सवाल नहीं है, यह एक अलग "तुम" बनाने का सवाल है। तुम ही संसार हो, इसलिए तुम बदलते हो तो संसार बदल जाता है” ओशो
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मैगज़ीनOमेडिटेशनOमेडिटेशन रिज़ॉर्टOमल्टीवर्सिटीOशॉपOज़ेन टैरो
  दूसरा मैं स्वयं O
भीड़ के खिलाफ मैं
मिश्रित दुख
मैं अकेला होने से डरता हूं। अभी मैं किसी से संबंधित नहीं हूं, वस्तुत: मैं संबंधों को पसंद करता हूं और साथ ही नापसंद भी।
वह समय भी आएगा जब तुम अकेले हो पाओगे, लेकिन अभी वह समय आया नहीं है। तो अच्छा लगे या बुरा, तुम्हें किसी के साथ होना ही पड़ेगा। अकेलापन तभी संभव है जब व्यक्ति वस्तुत: परिपक्व होता है। और उस परिपक्वता के लिए तत्काल कुछ नहीं किया जा सकता। परिपक्वता धीरे-धीरे आती है, जब तुम लोगों के साथ जीते हो और तुम आनंद लेते हो और दुख भी।
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अपना मुंह बंद करो!
खाली बांस हो जाएं
यह तिलोपा की विशेष विधियों में से है। प्रत्येक सदगुरू की अपनी विशेष विधि होती है जिसके द्वारा उसने उपलब्धि की है,
एक बांस: अन्दर एकदम खोखला। जब तुम विश्राम करो, तुम बस अनुभव करो कि तुम एक बांस हो: अन्दर एकदम खोखला और खाली। और सच में ऐसा ही है:तुम्हारा शरीर एक बांस की तरह है और अन्दर यह खोखला है। तुम्हारी त्वचा, तुम्हारी हड्डियां, तुम्हारा खून सब बांस का हिस्सा है, और अन्दर आकाश है, खालीपन।

जब तुम एकदम शांत मुंह के साथ बैठे हो, निष्क्रिय, जीभ तालु को छूती हुई और स्तब्ध, विचारों से कंपित नहीं, मन निष्क्रियता के साथ देखता हुआ, किसी भी चीज की प्रतीक्षा ना करते हुए, एक खोखले बांस की तरह अनुभव करो। अचानक, तुम्हारे अन्दर अनंत ऊर्जा प्रवाहित होने लगती है। तुम अज्ञात से, रहस्यमयता से, दिव्यता से भर उठते हो। एक खोखला बांस बांसुरी बन जाता है और
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जीना बिना भय के
क्रांति यानी आनंद
ऐसा होता है कि हम अक्सर दुखी रहना ही चुनते हैं। ऐसा क्यों है कि हमें इतना होश नहीं कि यह हमारा ही चुनाव है?
पहला भाग: यह मनुष्य की समस्याओं में सब से क्लिष्ट समस्या है। इसे गहरे में सोचना होगा, और यह किताबी बात नहीं है। इसका संबंध आपसे है। हर व्यक्ति इसी तरह का व्यवहार कर रहा है। सदा गलत ही चुनने का, सदा उदास, अवसाद से भरे हुए, दुखी रहने का व्यवहार। इसके गहरे कारण रहे होंगे और हां, कारण हैं।
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  ओशो मेडिटेशन रिज़ॉर्ट OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT OSHO INTERNATIONAL MEDITATION RESORT
मैं जापान से हूं, और हांगकांग में एक वैब कौन्फ्रेंसिंग सेवा प्रदान करने वाली अमेरिकन कम्पनी में सुपरवाइज़र हूं। मैं अपने काम से बहुत थक गई थी, और कुछ समय के लिए अपने लिए समय निकालना चाहती थी, जिससे मैं अपने जीवन का निरीक्षण कर पाऊं। एक मित्र ने मुझे ओशो के बारे में बताया और मैं मेडिटेशन रिज़ॉर्ट आई, जहां मैंने अपने को ओशो सक्रिय ध्यान में ड़ुबाया और ओशो मल्टीवर्सिटी के कोर्स किए।
मैंने काम करना शुरू किया लेकिन यह मुझे तनावपूर्ण लगा क्योंकि मैं अब भी कुछ हासिल करने की इच्छा कर रही थी। एक दिन मेरी संयोजक (कोओर्डिनेटर) ने मुझे बैठाकर कहा, “रिलैक्स”!(शांत बने रहो) यह पहली बार था कि मैंने काम के संबंध में यह शब्द सुना हो। उसने मुझे समझाया कि कैसे हम यहां काम को ध्यान की तरह उपयोग करते हैं, यह देखते हुए कि भीतर क्या घट रहा है। ‘इनर स्किल फौर वर्क एंड लाइफ’ कोर्स में यह गहराई से बताया जाता है, कुछ बातें जैसे काम करते हुए श्वांस पर ध्यान रखना, और कहीं पहुंचने की जल्दबाजी न करना। मैंने सीखा कैसे हर काम करते हुए ‘साक्षी’ हुआ जाए ।
इस प्रोत्साहन से बहुत सहायता मिली। मैं आनंदित और ऊर्जावान अनुभव करती हूं और अब चीजें अपने आप घटित होती हैं। जब मैं आई थी तो काम का बोझ अनुभव करती थी लेकिन अब मैं पहले से भी अधिक काम करती हूं और अपना जीवन भी भरपूर जी रही हूं।

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  मल्टीवर्सिटी OSHO MULTIVERSITY
OSHO MULTIVERSITY
1 जून को शरीर के चार प्रवेश बिंदुओं, इन्द्रियों, विचारों और भावनाओं का उपयोग करते हुए फास्ट ट्रैक टु योरसेल्फ कीजिए, आप अनुभव करेंगे कि आप इन सबसे पार कुछ हैं। 2 – 5 जून. को अवेयरनेस इंटेंसिव: हू इज़ इन?को इसलिए निर्मित किया गया है कि आप अपनी पूरी ऊर्जा इस खोज पर केंद्रित कर सकें कि वास्तव में आप कौन हैं, और जून. 7 – 9 को समझिए, अनुभव कीजिए इनर स्किल फौर वर्क एंड लाइफ और जून 10 – 16 को सीखिए उपयोग सेल्फ हिप्नोसिस फौर मेडिटेशन का, जो कि आपकी दैनिक दिनचर्या के लिए एक बहुत बड़ा साधन है।

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  पुस्तक विमोचन BOOK RELEASE
 
Jhuk Aayee Badariya Sawan Ki
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Apne Mahin Tatol

ISBN 978-81-7261-189-7
Paper Back
Size- 5.75" x 8.25"
Pages - 212
Price - Rs.85/-
Price: ruppes 175 /-

मनुष्य के मन पर कौन सी जंजीरें हैं, उन तीन जंजीरों की हमने बात की:

* मैं जानता हूं, यह भ्रम है।
* मैं कर्ता हूं, यह भ्रम है।
* और सबसे बड़ा भ्रम यह है कि मैं हूं, मेरा होना।

मेरा होना सबसे बड़ा भ्रम है। मैं हूं, यह मनुष्य के जीवन का केंद्रीय भ्रम है, केंद्रीय असत्य है। और इसी असत्य के आस-पास वह जीता है। और सत्य को, समस्त जीवन के सार को उपलब्ध करने का एक ही विज्ञान है, एक ही सीक्रेट है, और वह है स्वयं के भीतर जागरण को, होश को, अवेयरनेस को उपलब्ध कर लेना।
ओशो
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Maine Ram Ratan Dhan Payo
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Samadhi Ke Sapt Dwar

ISBN 978-81-7261-054-8
Hard Back
Size - 6.5" x 8.5"
Pages - 336
Price - Rs.190/-
Price: ruppes 175 /-

‘यह पुस्तक आंख वाले व्यक्ति की बात है। किसी सोच-विचार से, किसी कल्पना से, मन के किसी खेल से इसका जन्म नहीं हुआ; बल्कि जन्म ही इस तरह की वाणी का तब होता है, जब मन पूरी तरह शांत हो गया हो।

और मन के शांत होने का एक ही अर्थ होता है कि मन जब होता ही नहीं। क्योंकि मन जब भी होता है, अशांत ही होता है।’

‘जहां मन खो जाता है वहां आकाश के रहस्य प्रकट होने शुरू हो जाते हैं।’

‘ब्लावट्‌स्की की यह पुस्तक ऐसी ही है। हवा का एक झोंका है ब्लावट्‌स्की। और कोई उससे बहुत महानतर शक्ति उस पर आविष्ट हो गई है, और वह हवा का झोंका इस सुगंध को ले आया है।’
‘इस पुस्तक के एक-एक सूत्र को समझपूर्वक अगर प्रयोग किया, तो जीवन से वासना ऐसे झड़ जाती है, जैसे कोई धूल से भरा हुआ आए और स्नान कर ले तो सारी धूल झड़ जाए। या कोई थका-मांदा, किसी वृक्ष की छाया के नीचे विश्राम कर ले और सारी थकान विसर्जित हो जाए।’

ओशो

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Top 5 Audiobooks पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो पुस्तकें
दि स्काय ऑफ कम्प्लीशन
1. एन एंपटी चेयर
2. ट्रु और फाल्स
3. वी आर व्हाट वी थिंक
4. बाइ वाचिंग
5. जस्ट लकी, आइ गैस
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Top 5 Music Tracks पिछले महीने के सर्वाधिक लोकप्रिय संगीत ट्रैक
बाशोज़ पॉण्ड
1. डांस औफ द ड्रैगन फ्लाइज़
2. अवेकनिंग
3. फ्रैगरैंस औफ द रोज़
4. पाथ औफ द मिस्टिक्स
5. रेनबोज़
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Top 5 eBooks पिछले महीने की सर्वाधिक लोकप्रिय ई बुक्स
दि धम्मपद: दि वे ऑफ दि बुद्ध, वाल्यूम 1
1. द वे बियांड एनी वे
2. द न्यु एलकेमी टु टर्न यू औन
3. एब्सोल्यूट ताओ
4. वॉयस औफ साइलेंस
5. लिविंग ताओ
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Top 5 Audio Greetings पिछले महीने के सर्वाधिक लोकप्रिय ऑडियो ग्रीटिंग
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6-7-8 MAY 2011 ITALY OSHO ZORBA THE BUDDHA FESTIVAL
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DEUTER - The seminal New Age musician - New Earth Records
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nomindnip.com NLP Hypnosis Training with Anekant
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  इस माह का ध्यान माह का ध्यान
निरभ्र आकाश की निर्मलता बन जाओ
चिंताग्रस्त हो? जाग जाओ।
यदि तुम खुले बादल रहित आकाश पर ध्यान करो, अचानक तुम अनुभव करोगे कि मन खो गया है, मन खोता जा रहा है। तुम अंतराल, गैप अनुभव करोगे। अचानक तुम देखोगे कि निरभ्र आकाश जैसे तुम्हारे भीतर भी प्रवेश कर गया है। वहां अंतराल होंगे। कुछ समय के लिए विचार खो जाएंगे – जैसे कि ट्रैफिक रुक गया हो और वहां कोई भी नहीं चल रहा है। आरंभ में यह कुछ क्षणों के लिए होगा लेकिन वे क्षण रूपांतरकारी होंगे। धीरे-धीरे मन शांत होता जाएगा, बड़े अंतराल प्रगट होंगे। कई मिनटों तक न कोई विचार न होगा, न कोई बादल।
अंतराल प्रगट होंगे। कई मिनटों तक न कोई विचार न होगा, न कोई बादल। आकाश को देखो। लेकिन एक निर्मल आकाश मदद करेगा – बादलों से खाली, अनंत।
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