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इंटरनेशनल न्यूज़लेटर
मार्च, 2013
 
मुख्य आलेख – हम ही संसार हैं।
माह का ध्यान – धरती की ओर वापसी
बॉडी धर्म – हमारी अंत:प्रज्ञा से जुड़ना
इमोशनल इकोलॉजी – निर्मल दृष्टि
साक्षात्कार – सोमदेव
2013 स्क्रीन सेवर
 
हम ही संसार हैं।
मैं जितना ध्यान में गहरे उतरता हूं उतना ही अपने आपके लिए तथा पूरे संसार के लिए जिम्मेदार मानता हूं। यह कैसे संभव है?

जितना तुम स्वयं में प्रवेश करोगे, उतना ही तुम जगत के प्रति जिम्मेवारी महसूस करोगे। क्योंकि तुम इस जगत के टुकड़े हो। तुम इससे अलग नहीं हो…"
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धरती की ओर वापसी
आधुनिक मनुष्य के लिए यह एक सर्वाधिक प्रचलित समस्या हो गई है; पूरी मनुष्यता ऐसे पीड़ित हो रही है, जैसे उसकी जड़ें उखड़ गईं हों। जब तुम इसके
प्रति जागरूक होओगे, तुम्हें अपने पैरों में सदैव एक कंपन…"
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सोमदेव
“इंटरव्यू मार्च
सोमदेव, भारत के सर्वाधिक वरीयता प्राप्त टेनिस प्लेयर, हाल ही में ओशो मेडिटेशन रिज़ार्ट आये थे। वे पुणे किसी
काम के सिलसिले में आए थे तब उन्हें ओशो मेडिटेशन रिज़ार्ट …"
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निर्मल दृष्टि
उलझन महसूस करने के लिये एक बड़ी बुद्धिमत्ता की आवश्यकता है

केवल बुद्धिमान व्यक्ति उलझन महसूस करते हैं; नहीं तो सामान्य व्यक्ति जीवन में
चलते रहते हैं, हंसते-खेलते, पूंजी जमा करते, और सत्ता …"
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हमारी अंत:प्रज्ञा से जुड़ना
जब तुम पूरी तरह जगे होते हो, एक स्थानांतरण घटित होता है: मस्तिष्क के बाएं क्षेत्र से ऊर्जा दाएं क्षेत्र की ओर प्रवाहित होने लगती है। जब तुम पूरी तरह सजग
होते हो, तुम अंतर्ज्ञान से भरने लगते हो, तुम्हें झलकें आने लगती हैं, अज्ञात से, असीम से झलकें आने लगती हैं। हो सकता है कि…"
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भारतीय मित्रों के लिए -- ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिज़ार्ट में गर्मी तथा मान्सून के लिए नए दर।
नए वीडियो का प्रकाशन : डान्सिंग विद एग्ज़िस्टेन्स
 
 
जिन-सूत्र, भाग: दो
महावीर के व्यक्तित्व की विशेषताओं में एक विशेषता यह भी है कि उन्हें जो सत्य की अनुभूति हुई है, उसकी अभिव्यक्ति को जीवन के समस्त तलों पर प्रकट करने की कोशिश की है। मनुष्य तक कुछ बात
 
कहनी हो, कठिन तो बहुत है, लेकिन फिर भी बहुत कठिन नहीं है। लेकिन महावीर ने एक चेष्टा की जो अनूठी है और नई है। और वह चेष्टा यह है कि पौधे, पशु-पक्षी, देवी-देवता, सब तक--जीवन के जितने तल हैं,…"
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ओशो इंटरनेशनल न्यूज़लेटर, मार्च 2013
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