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ओशो इँटरनेशनल मैडीटेशन र्रिज़ॉर्ट मेँ मई का
महीना बहुत उत्साहपूर्ण रहता है. इस बार
बुकशॉप मेँ तीन ओशो पुस्तकोँ के नये
सँस्करण देखे जाएँगे: द हिडन हार्मनी,
सत्य को बेबाकी से कहने वाले प्रसिद्ध यूनानी
दार्शनिक हिराक्लिटस पर ओशो की व्याख्या;
फ्रॉम अनकोँशसनैस टु कॉँशसनैस, तीन वर्ष के
मौन के बाद ओशो के प्रथम प्रवचन और द ज़ेन
मैनीफेस्टो: फ्रीडम फ्रॉम वनसेल्फ,उनके अँतिम
प्रवचन जो ज़ेन की अ-मन अवस्था के बारे मेँ है.
ओशो ऑडिटोरियम
मेँ प्रतिदिन साँध्य-सभा के साथ-साथ दिन-भर
होने वाली ध्यान-प्रक्रियाओँ का कार्यक्रम
रहता है और रात्रि मेँ ओश्यो च्वाँग्त्सु मेँ
मौन-ध्यान तथा दैनँदिन-जीवन मेँ बोध-पूर्ण
खेल(अवेयरनेस गेम्ज़ फॉर डेली लाइफ) का भी
आयोजन है. दिन-भर की अन्य गतिविधियाँ इस
प्रकार हैँ: डिस्को-लँच, बुद्धा-ग्रोव
मेँ रँगमँच प्रस्तुतियाँ व नृत्य(थिएटर
प्रैज़ेँटेशँस अँड डाँसिँग) ; साँझ को तैर-ताल
के किनारे मनोरँजन(चिल आउट बाए द पूल) ;
सृजन-रात्रि(क्रिएटिविटी नाइट) मैँ अप्ने भीतर
छुपी कला उजागर करना-- आनँद लेँ और सहभागी
बनेँ1-- वैरायटी-शो, अपनी पसँदीदा फिल्मेँ
देखेँ; पार्टी मेँ बड़े-बड़े डी जे की धुनोँ पर
थिरकेँ; कैरीओके मेँ दिल खोल कर गाएँ और
मल्टीवर्सिटी फेअर के लघु सत्रोँ
(मिनी-सेशनोँ) का आनँद लेँ.
बीच-बीच
मेँ तैर-ताल मेँ कूद जाएँ, हर ओर घने
हरे पेड़ोँ के नीचे विष्राँत होँ और ओशो
गेस्टहाउस के ए सी कमरे मेँ आराम करेँ-- आजकल
इन कमरोँ का आवासीय शुल्क कम है!
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