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प्रमुदिता प्रकाश है |
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क्या तुमने अनुभव किया है कि तुम अति प्रसन्न थे
और साथ ही अपनी भावना को व्यक्त करने में भयभीत भी? |
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"जो इतनी प्रफुल्लता और आनंद को अपने भीतर
संजोता है, वह साधना में गति करता है...." |
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| सम्मोहन:
दुर्व्यसनों
से छुटकारा पाने का सशक्त उपाय |
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सम्मोहन में हमारे शरीर और मन को बदलने की असीम
संभावना है। यह दुर्व्यसनों के शिकार व्यक्ति की
पीड़ा को राहत देने में अत्यंत सहायक हो सकता है। |
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"कूए ने हजारों लोगों की शराब, सिगरेट, और
तरह के दर्ुव्यसन क्षणभर में छुड़ा दिए,
क्योंकि भरोसा दिला दिया। मन को गहरे में
भरोसा आ जाए, तो शरीर तक परिणाम होने शुरू
हो जाते हैं..." |
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स्वार्थी
बनो और देखो |
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| हमें
दूसरों को प्रेम करने के बारे में तो मालूम है,
परंतु स्वयं को? क्या वह दूसरे का काम है? ओशो का
स्पष्ट उत्तर है,'नहीं'; प्रेम तुमसे ही शुरू होता
है और स्वयं से प्रेम करने से पहले यह जानना
आवश्यक है कि तुम कौन हो। |
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"स्वार्थ बिलकुल जरूरी है। यह दुनिया ज्यादा
सुखी हो जाए, अगर लोग ठीक अर्थों में
स्वार्थी हो जाएं...." |
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ओशो मल्टीवर्सिटी |
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पुन:प्रकाशित
हिन्दी पुस्तकें |
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गीता
दर्शन,
भाग एक
:
"शास्त्र की ऊंची से ऊंची ऊंचाई मनस है। शब्द की
ऊंची से ऊंची संभावना मनस है। अभिव्यक्ति की आखिरी
सीमा मनस है। जहां तक मन है, वहां तक प्रकट हो सकता
है। जहां मन नहीं है, वहां सब अप्रकट रह जाता
है।...
गीता ऐसा मनोविज्ञान है, जो मन के पार इशारा करता
है। लेकिन है मनोविज्ञान ही। अध्यात्म-शास्त्र उसे
मैं नहीं कहूंगा। और इसलिए नहीं कि कोई और
अध्यात्म-शास्त्र है। कहीं कोई शास्त्र अध्यात्म
का नहीं है। अध्यात्म की घोषणा ही यही है कि
शास्त्र में संभव नहीं है मेरा होना, शब्द में मैं
नहीं समाऊंगा, कोई बुद्धि की सीमा-रेखा में नहीं
मुझे बांधा जा सकता। जो सब सीमाओं का अतिक्रमण कर
जाता है, और सब शब्दों को व्यर्थ कर जाता है, और
सब अभिव्यक्तियों को शून्य कर जाता है—वैसी जो
अनुभूति है, उसका नाम अध्यात्म है।"
ओशो
इस पुस्तक में गीता के प्रथम तीन अध्यायों—विषादयोग,
सांख्ययोग एवं कर्मयोग—तथा विविध प्रश्नों व विषयों
पर चर्चा है। कुछ विषय बिंदु:
- विषाद और संताप से आत्म-क्रांति की ओर
- आत्म-विद्या के गूढ़ आयामों का उदघाटन
- निष्काम कर्म और अखंड मन की कीमिया
- मन के अधोगमन और ऊर्ध्वगमन की सीढ़ियां
- परधर्म, स्वधर्म और धर्म
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मल्टीमीडिया
स्टोर |
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टॉप 5 ऑडियो पुस्तकें |
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टॉप 5 संगीत ट्रैक |
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| 1. |
Deeper and Deeper |
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| 2. |
Single Note |
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| 3. |
Song of the Trees |
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| 4. |
Waterfall |
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| 5. |
Rythm of Life |
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टॉप 5 ई-पुस्तकें |
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| 1. |
Absolute Tao |
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| 2. |
The Path of Yoga |
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| 3. |
The Rebellious Spirit |
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| 4. |
Joshu: The Lion’s Roar |
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| 5. |
The Book of Wisdom |
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टॉप 5 ऑडियो ग्रीटिंग |
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अस्तित्व की आहट पहचानें: |
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| यह
विधि आंतरिक संवेदना पर आधारित है।पहले अपनी
संवेदन-शक्ति को बढ़ाएं। अपने द्वार बंद कर लें, कमरे
में अंधेरा कर लें और मोमबत्ती जला लें। मोमबत्ती के पास
प्रेमपूर्वक बैठ जाएं--बल्कि प्रार्थनापूर्ण भाव से।
पहले नहा लें, अपनी आंखों पर ठंडा पानी फेंकें, फिर
प्रार्थनापूर्ण भाव से मोमबती के सामने बैठें। इसे
देखें, शेष सब भूल जाएं। बस इस छोटी सी मोमबत्ती
को--मोमबत्ती व उसकी ज्योति को।
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ओशो प्रवचन यहां देखें |
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