ओशो मल्टीवर्सिटी- सितंबर
माह के आकर्षण:
ओपनिंग टु दि हार्ट (खुलें दिल में, खिलें
दि में)अपनी चेतना को मस्तिष्क से
ह्र्दय की ओर बहने दें, बाहर से भीतर की ओर
प्रवाहित होने दें, तभी आप स्वयं से जुड़
पायेंगे और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
स्वयं को अभिव्यक्त कर सकेंगे।
1-3 सितंबर, सुधीर के साथ
प्राइमल रीबिर्थ (शैशव काल - पुन: जीएं):लौटें
बचपन के उन संवेदनशील वर्षों में जब
पीड़ा,ज़ख़्म और तकलीफों ने धर दबोचा था-
उन्हें पुन: जीकर ही उनसे छुटकारा पाया
जा सकता है; और तब होता है
साक्षात्कार अपने वास्तविक रूप से।
सितंबर 2-6, बेला के संग
"ओशो
मिस्टिक रोज़" (ग़ुलाब के गुह्य रहस्य):
शांति मे खिलने का एक क्रांतिकारी मार्ग:
तीन माह की प्रक्रिया; प्रथम सप्ताह हंसी
जगाने का; दूसरा सप्ताह आंसुओं को बहने देने
का,और तीसरा सप्ताह शांत हो साक्षी होने का।सितंबर
11-अक्टूबर 1, साधना के साथ
औरा-सोमा: जानें कैसे औरा- सोमा के
विभिन्न रंग जाग्रत होने में सहायक होते हैं
और आप उतर जाते हैं ध्यान में।
"औरा-सोमा के प्राथमिक पाठ", अमालिन
के साथ, सितंबर 12 से 13 तक
पर्सनल पावर: दि करेज टु रिस्क (स्वयं
शक्ति:साहस जोखिम उठाने का)- क्या आपने
कभी कुछ नया करने की,जोखिम उठाने की
सोची, लेकिन कर नहीं पाए और कल्पना की कि
काश आप कर पाते? हां, आप कर सकते हैं!! आपमें
शक्ति है बदलने की।
इसे पहचाने।
सितंबर 22-24 , विभावन के साथ
ओशो डीहिप्नॉसिस और हिप्नॉसिस (ओशो
विसम्मोहन और सम्मोहन): सम्मोहन से
विसम्मोहन और ध्यान तक;मन से अ-मन तक की
यात्रा। जानें कितना
आसान है सीखना आत्म- सम्मोहन।
सितंबर 28-30, अमृतो के साथ