ऑडियोपुस्तकें – चयनित प्रवचन
- also available as a के रूप में भी जाना जाता है
प्रवचन ४ : भक्ति सूत्र

ओशो ऑडियोबुक - चुने व्यक्तिगत टॉक: जीवन: आशा और निराशा के पार – Jeevan: Asha Aur Nirasha Ke Paar (mp3)

 

Availability: In stock

रु. 0.00
मोल  

जीवन: आशा और निराशा के पार – Jeevan: Asha Aur Nirasha Ke Paar

Track #4 of the Series, Bhakti Sutra--भक्ति सूत्र

"जीवन की व्यर्थता दिखाई पड़े तो परमात्मा की खोज शुरू हो सकती है—शुरू होगी ही, ऐसा जरूरी नहीं है। जीवन की व्यर्थता पता चले तो आदमी निराश भी हो सकता है, आशा ही छोड़ दे, व्यर्थता में ही जीने लगे, व्यर्थता को स्वीकार कर ले, खोज के लिए कदम न उठाए|
 
 
ऑडियोपुस्तकें - विवरण प्रवचनमाला: भक्ति सूत्र, #४
 
Osho International
"आस्तिक नास्तिक से आगे जाता है। आस्तिक नास्तिक का विरोध नहीं है, अतिक्रमण है। आस्तिक के जीवन में भी नास्तिकता का पड़ाव आता है, लेकिन उस पर वह रुक नहीं जाता। वह उसे पड़ाव ही मानता है और उससे मुक्त होने की चेष्टा में संलग्न हो जाता है।
 
 
मूल्य पूर्ण श्रृंखला रु. 0.00
 
और आगे ओशो कहते हैं:

"जिसने दुख जाना वह सुख को जानने में समर्थ है, अन्यथा दुख को भी न जान सकता। जिसने अंधकार को पहचाना उसके पास आंखें हैं जो प्रकाश को भी पहचानने में समर्थ हैं।

अंधों को अंधेरा नहीं दिखाई पड़ता। साधारणतः हम सोचते हैं कि अंधे अंधेरे में जीते होंगे|

 

Email this page to your friend